Aadesh Jain, Chandraprakash Hiraman Kumare, Hrishika Jaiswal, Ojasvi Peshawaria
Pradeep Kamble, Pratik Sutar, Rasana Bhardwaj, Riya Panchal, Rohan Vinod Anvekar, Viditi Khare

2021

Urban Diaries


ये बंधे है उस मंज़िल से,
या ज़िन्दगी का है ये Flow,

ये ख़ुदग़र्ज़ इस पुद्गल की,
या है ये दीमक आक्रोश,

या वो छिड़ना भी एक धोखा है,
या है वो गलतफहमियों की चाल,

क्या ये रुखसती भी एक शिकवा है,
या उसकी गैर मौजूदगी भी एक तनक,

क्या कठपुतली से संयुक्त है वक्त-ए-वजूद,
या वो रूप से उलझी शिकायत रूबरू,

क्या वो रूप है एक संगतिय घर्षण,
यया छिपी है परछाई उसकी यंत्रण,

ये Suffocation जो है डर की भनक,
या आज़ाद परिंदों का भी है दायरा,

ये अतीत की परछाई जो कैद है,
क्या मुरझाना ही उसकी पहचान है,

चिखलातिल उमटलेले पाऊल, गर्दित उमटलेला मी,
माझं अस्तित्व आणि स्वप्न त्या गर्दित मी शोधत असतो.

Poem by Aadesh Jain

College of Fine Arts
Chitrakala Parishath, Bengaluru